स्केल आपको क्या बताता है
"गाना G मेजर में है" कहने का मतलब दो बातें हैं। उसका ठहराव वाला नोट G है, और वह ज़्यादातर G मेजर स्केल के नोट्स इस्तेमाल करता है: G, A, B, C, D, E, F♯। इन सात नोट्स से सात कॉर्ड बनते हैं, और ज़्यादातर पॉपुलर गाने इनमें से तीन-चार से ही काम चला लेते हैं।
स्केल जानने से कान से कॉर्ड निकालने, अपनी आवाज़ के लिए गाना ट्रांसपोज़ करने, या कैपो सही जगह लगाने में मदद मिलती है।
स्टेप 1: ठहराव वाला नोट ढूँढें
गाना सुनिए और उसे किसी मुखड़े के आख़िर में, या बिल्कुल अंत में रोकिए। वह नोट गुनगुनाइए जो आपको लाइन "पूरी करता" लगे, जिस पर बिना अधूरापन महसूस किए रुका जा सके। यह लगभग हमेशा टॉनिक होता है, वह नोट जो स्केल को उसका नाम देता है। भारतीय संगीत की भाषा में, यही गाने का "सा" है।
एक आसान टेस्ट: गाना चलते हुए यह नोट खींचते रहिए। अगर यह ज़्यादातर कॉर्ड पर अच्छा लगे और ठहराव के पलों में "घर पर" लगे, तो आपने सही पकड़ा है। अगर यह लगातार खटके, तो कोई दूसरा नोट आज़माइए।
अब इसका नाम चाहिए। इसे अपने इंस्ट्रूमेंट पर ढूँढिए, या Fredon के सामने गुनगुनाइए: ऐप गाया गया नोट तुरंत पहचानकर दिखाता है, C D E या do re mi में।
स्टेप 2: कॉर्ड से जाँचें
अगर आपके पास कॉर्ड शीट पहले से है, तो आम तौर पर तीन संकेत एक ही बात कहते हैं:
- आख़िरी कॉर्ड। गाना बहुत बार टॉनिक वाले कॉर्ड पर ख़त्म होता है। पहला कॉर्ड भी अक्सर वही होता है, पर उतना पक्का नहीं।
- सबसे ज़्यादा आने वाला कॉर्ड। वह जो लाइनों और मुखड़े के आख़िर में लौटता है।
- लौटने से पहले वाला कॉर्ड। टॉनिक से ठीक पहले अक्सर स्केल के पाँचवें नोट पर बना कॉर्ड आता है ("प" वाला कॉर्ड)। G में यह D या D7 है, जो G पर वापस लाता है।
धोखे से बचिए: कुछ गाने धीरे-धीरे फ़ेड होकर ख़त्म होते हैं, कुछ सरप्राइज़ देने के लिए किसी अनपेक्षित कॉर्ड पर। किसी एक संकेत पर नहीं, सब पर मिलाकर भरोसा कीजिए।
स्टेप 3: मेजर या माइनर?
हर मेजर स्केल के नोट्स बिल्कुल एक माइनर स्केल से मिलते हैं, उसकी रिलेटिव माइनर से। C मेजर और A माइनर (Am) वही सात नोट्स इस्तेमाल करते हैं, बिना किसी शार्प या फ़्लैट के। G मेजर और E माइनर (Em) भी। रिलेटिव माइनर, मेजर टॉनिक से तीन सेमीटोन नीचे होती है।
इसलिए दोनों स्केल के कॉर्ड भी एक हैं: फ़र्क़ ठहराव वाले कॉर्ड का है। अगर गाना बार-बार Am पर लौटकर टिकता है, तो वह A माइनर में है। अगर C पर टिकता है, तो C मेजर में। कान को माइनर ज़्यादा गहरा, ज़्यादा उदास लगता है, पर यह पक्का नियम नहीं: ठहराव वाले नोट पर भरोसा कीजिए।
एक और संकेत: माइनर में पाँचवें नोट वाला कॉर्ड अक्सर मेजर बजाया जाता है। A माइनर में आपको अक्सर Em की जगह E या E7 सुनाई देगा, जिसका G♯ A की ओर खींचता है।
स्टेप 4: की सिग्नेचर पढ़ें, अगर नोटेशन हो
की सिग्नेचर वे शार्प या फ़्लैट हैं जो स्टाफ़ नोटेशन में हर लाइन की शुरुआत में लिखे होते हैं। ये हमेशा एक ही क्रम में जुड़ते हैं।
- शार्प: F, C, G, D, A, E, B। मेजर स्केल आख़िरी शार्प से एक सेमीटोन ऊपर होता है। एक शार्प (F♯): G मेजर। तीन शार्प (G♯ तक): A मेजर।
- फ़्लैट: B, E, A, D, G, C, F। मेजर स्केल आख़िरी से पहले वाला फ़्लैट होता है। दो फ़्लैट (B♭, E♭): B♭ मेजर। एक फ़्लैट वाला अपवाद याद रखिए: F मेजर।
- कुछ नहीं: C मेजर या A माइनर।
की सिग्नेचर हमेशा दो उम्मीदवार देता है, मेजर स्केल और उसकी रिलेटिव माइनर। फ़ैसले के लिए स्टेप 3 पर लौटिए: धुन का आख़िरी नोट और आख़िरी कॉर्ड देखिए।
स्केल के कॉर्ड: I, IV, V और vi
स्केल के कॉर्ड रोमन अंकों से गिने जाते हैं, इस हिसाब से कि वे स्केल के किस नोट पर बने हैं। सरगम में सोचें तो I "सा" पर, IV "म" पर, V "प" पर और vi "ध" पर बनता है। मेजर में ढाँचा हमेशा एक जैसा है:
- I, IV और V मेजर हैं। ये खंभे हैं: हज़ारों गाने इन्हीं तीन कॉर्ड पर टिके हैं।
- ii, iii और vi माइनर हैं। vi, यानी रिलेटिव माइनर, चौथा सबसे आम कॉर्ड है।
- vii° डिमिनिश्ड है, और गानों में कम ही आता है।
G मेजर में I IV V vi बनते हैं G, C, D और Em: चार आसान ओपन कॉर्ड, और गानों की हैरान कर देने वाली तादाद।
गिटार पर आम स्केल
गिटार पर ज़्यादातर वही स्केल बजते हैं जिनके मुख्य कॉर्ड ओपन शेप में मिलते हैं। इनके कॉर्ड ये रहे:
| स्केल | I | ii | iii | IV | V | vi |
|---|---|---|---|---|---|---|
| C मेजर | C | Dm | Em | F | G | Am |
| G मेजर | G | Am | Bm | C | D | Em |
| D मेजर | D | Em | F♯m | G | A | Bm |
| A मेजर | A | Bm | C♯m | D | E | F♯m |
| E मेजर | E | F♯m | G♯m | A | B | C♯m |
| F मेजर | F | Gm | Am | B♭ | C | Dm |
माइनर में गिटार पर तीन स्केल छाए रहते हैं: A माइनर (Am, Dm, E या Em, साथ में C, F और G), E माइनर (Em, Am, B या Bm, साथ में G, C और D) और D माइनर (Dm, Gm, A या Am, साथ में F, B♭ और C)।
अगर गाना किसी असुविधाजनक स्केल में है, जैसे B♭ या E♭, तो कैपो से शेप आसान रखे जा सकते हैं: B♭ को A के शेप और फ़्रेट 1 पर कैपो से बजाइए।
और अगर आपके पास सिर्फ़ धुन है?
जैसे कोई धुन जो दिमाग़ में है, या जो आप ख़ुद बना रहे हैं। उसे गाइए, ठहराव वाला नोट ढूँढिए, फिर हर लाइन के नीचे उस स्केल के I, IV और V कॉर्ड आज़माइए।
Fredon का मेलोडी मोड यही काम आपकी आवाज़ से करता है: आप धुन गाते हैं, साठ सेकंड तक, ऐप उसे लिखता है, स्केल पहचानता है और कॉर्ड प्रोग्रेशन सुझाता है, विकल्पों और कैपो की सलाह के साथ। अपना विश्लेषण जाँचने के लिए, या गाना बनाने के लिए, एक अच्छी शुरुआत।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गाने का स्केल बदल सकता है?
हाँ, इसे मॉड्यूलेशन कहते हैं। आम मामला: आख़िरी मुखड़ा एक सेमीटोन या एक टोन ऊपर चला जाता है। तब कॉर्ड भी उतने ही खिसक जाते हैं।
स्केल और की एक ही चीज़ हैं?
लगभग। सख़्ती से देखें तो स्केल नोट्स की लिस्ट है; की (key) में एक केंद्र का ख़याल भी जुड़ता है, वह नोट जिस पर सब कुछ लौटता है। C मेजर और A माइनर के नोट्स एक हैं पर की अलग। भारत में बोलचाल में दोनों के लिए "स्केल" कहा जाता है, और इस गाइड में भी यही इस्तेमाल हुआ है।
कोई "सा" लिखता है, कोई C, कोई "सफ़ेद 1"। क्या ये एक ही हैं?
हो सकते हैं, पर हमेशा नहीं: सरगम का "सा" गाने के हिसाब से बदलता है, जबकि C एक तय नोट है। पूरा मेल सरगम, do re mi या C D E वाली गाइड में है।